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अनुष्ठान एवं निवारण

Anushthan

कालसर्प पूजा

Kaalsarp Pooja

किसी व्यक्ति के जन्म के समय जब राहु-केतु एक-दूसरे के आमने-सामने होते हैं और सारे सातों ग्रह भी जब राहु-केतु के एक तरफ आ जाते हैं...

मंगल भात पूजा

Mangal Bhat Pooja

जब कुंडली में मंगल पहले,चौथे,सातवें,आठवें या बारहवें भाव में होता है, तो मांगलिक दोष होता है। बता दें कि सातवां घर विवाह का घर होता है...

वास्तु दोष

Vastu Dosh

जब भी घर बनवाते समय वास्तु नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो वास्तु दोष उत्पन्न होता है। वास्तु कार्डिनल एवं क्रमिक सिद्धांतों पर आधारित...


पितृ दोष

Pitra
Dosh

पितृ दोष-पितरों को देव कहा जाता है। अगर पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान ठीक से न किया जाए तो परिवार पितृ दोष से ग्रसित हो जाता है...

महामृत्युंजय मंत्र जाप

Mahamrityunjay
Jaap

कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति भयमुक्त, रोगमुक्त जीवन चाहता है और अकाल मृत्यु के डर से खुद को दूर करना चाहता है...

अर्क/कुंभ विवाह

Ark/Kumbh
Vivah

अगर ऐसे जातको के विवाह से पहले जिसमे किसी एक की कुंडली जो की मांगलिक दोषयुक्त हो उसका विवाह इन पद्धतियों में से किसी एक से...


चाण्डाल दोष

Chandal
Dosh

जब किसी जातक की कुंडली में बुद्धि के देवता गुरु और पाप ग्रह कहे जाने वाले राहु की युति होती है तब गुरु चांडाल दोष का निर्माण होता है....

संतान गोपाल अनुष्ठान

Santan Gopal
Anushthan

संतान गोपाल मन्त्र- पुत्र प्रदायक है इसका जप श्री कृष्णजी के बालरूप चित्र के समक्ष यदि पति-पत्नी दोनों संकल्पपूर्वक, प्रतिदिन, नियमित तथा ...

नवचंडी एवं सतचंडी

Navchandi/
Satchandi

नव चंडी पाठ और यज्ञ एक बहुत ही अनोखा, दुर्लभ और विस्तृत यज्ञ है।शत चंडी पाठ का अर्थ है दुर्गा सप्तशती का 100 बार पाठ करना...


नवग्रह जाप

Navgrah
Jaap

चंद्र मंत्र: ओम श्रां श्रीं श्रौं सः सोमाय नमः । मंगल मंत्र: ओम क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: । बुध मंत्र: ओम ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः...

ग्रहण योग

Grahan
Yog

यह ग्रहण योग जिनकी कुण्डली में होता है वह किसी विषय पर गंभीरता से विचार किये बिना कार्य बैठते हैं जिसका इन्हें नुकसान उठाना पड़ता है।

रुद्राभिषेक पूजा

Rudrabhishek
Pooja

रुद्राभिषेक का अर्थ है रुद्र का अभिषेक यानि भगवान शिव का अभिषेक। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार मनुष्य द्वारा किए गए पाप ही उसके...


बगलामुखी अनुष्ठान

Baglamukhi

मां राज राजेश्वरी बगलामुखी पूजन के द्वारा सभी शत्रु पर विजय एवं काम क्रोध आदि पर नियंत्रण भगवती आराधना अनुष्ठान जाप के द्वारा राज्य धन है ...

भैरव हवन

Bhairav Hawan

स्वर्णाकर्षण भैरव काल भैरव का सात्त्विक रूप हैं, जिनकी पूजा धन प्राप्ति के लिए की जाती है, यह हमेशा पाताल में रहते हैं| ठीक वैसे ही...

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